Tuesday, June 15, 2010

यूं तो इस बार मैं कुछ समय दिल्ली में बिताने आई थी क्योंकि इस से पहले मुझे घर गृहस्ती के झमेलों से फुर्सत ही नहीं मिलती थी. अब जबकि सभी बच्चे दिल्ली में ही आ गए तो सोचा ,क्यों न मै भी कुछ दिन वहीँ रह कर आ जाउंगी. फिर मुझे बच्चों ने इंटरनेट का प्रयोग करना सिखाया, इस से तो मेरे सामने एक नयी दुनिया के रास्ते खुल गए...

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