Monday, March 6, 2017

माँ का लाल

टी.वी. पर अख़बारों में खबर छपती है ,सीमा पर एक जवान शहीद। कौन होगा ,वो अभागा जवान।जिन जिन के बच्चे सीमा पर तैनात होंगे,उनके परिवारों पर क्या बीतती होगी ? उस माँ का कलेजा हर आहट पर धड़क उठता होगा,न न वो मेरा बच्चा नही हो सकता।न जाने कितनी मन्नतों के बाद भगवांन ने उसे मेरी झोली में डाल है।क्या वापस बुलाने को? फिर मेरा बच्चा है भी बड़ा साहसी,कोई कैसे उसे मार सकेगा ,वो सेना में इसलिए गया की दुश्मनों के छक्के छुड़ा देगा ।ओ मेरे लाल ,तू अपने लक्ष्य को पाने के बाद लौटना,मैं तुझे तिरंगे में लिपटा हुआ नही बल्कि हर बार की तरह दौड़ के गले लग जाने वाले जांबाज सिपाही की तरह आना मेरे बच्चे।

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